Monday, January 14, 2013

मैं आत्मा हूँ पल भर में चोला बदल लूंगी

मैं आत्मा हूँ, पल भर में चोला बदल लूंगी
न क़ैद की बेड़ियों में रहूंगी
न तेरे भेजे सोने-चाँदी के जेवरों से सजुंगी
तेरे बस में कुछ नहीं हुज़ूर है
यह सिर्फ तेरा गुरुर है...
दो घड़ी की तानाशाही तेरी कब तक चलेगी
यह ज़ुल्मो-सितम की हुकूमत तेरी कब तक रहेगी
मैं अपने मोहब्बत के साथ मरूंगी
मैं रूह-ए-मोहब्बत हूँ, पल भर में चोला बदल लूंगी। 

#रोमिल

Sunday, January 13, 2013

Gulab se chehare ko

Gulab se chehare ko chhupakar hijab mein kehte hai naaz se...
Kamre mein mere raat mein aa jaya karo aap, chhup-chhupa ke ammi-abba jaan se...

hahaha

#Romil

गुलाब से चहरे को छुपाकर हिजाब में कहते है नाज़ से...
कमरे में मेरे रात में आ जाया करो आप, छुप-छुपा के अम्मी-अब्बा जान से।

हाहाहा

#रोमिल

Saturday, January 12, 2013

रातों की सियाही को

 रातों की सियाही को सूरज की किरणें धोकर चली गई 
मैं ज़मीन पर लेटा सोता रहा 
माँ पास आई 
मुझे देखा 
और रोकर चली गई.

#रोमिल

Aaj Maa ki barsi par

Aaj Maa ki barsi par
Ash umad aaye komal nayano par
Dil mein ek koharam sa machane laga
Aankhon ke samne fir wahi mrityun ki raat ka drish ubharane laga
Saansein chubhane lagi
Juban thamane lagi
Bebasi-Majboori yaad aane lagi
Rab par fhir gussa fhutane laga
Gunn-Shee-Pita Ji ko fir yeh mann baddua dene laga
Charon oar ek ashanti si chhaa gai
Pal-Pal waqt sarp jaisa dasane laga...

Aaj Maa ki barsi par
Ash umad aaye komal nayano par.

#Romil

आज मां की बरसी पर 
अश्क़ उमड़ आए कोमल नैनो पर
दिल में एक कोहराम सा मचने लगा 
आंखों के सामने फिर वही मृत्यु की रात का दृश्य उभरने लगा 
सांसे चुभने लगी 
जुबान थमने लगी 
बेबसी-मजबूरी याद आने लगी
रब पर फिर गुस्सा फूटने लगा
गुन-शी-पिताजी को फिर यह मन बददुआ देने लगा
चारों ओर एक अशांति सी छा गई 
पल-पल वक्त सर्प जैसा डसने लगा...

आज मां की बरसी पर 
अश्क़ उमड़ आए कोमल नैनो पर...

#रोमिल

Wednesday, January 9, 2013

जो भी कहना है जमकर कहो

औरत को जो भी कहना है जमकर कहो लेकिन यह गुज़ारिश है,
हम माँ, बेटी, बहन, पत्नी के रिश्तों में शर्मिन्दा न हों जाये।

#रोमिल

Tuesday, January 8, 2013

सत्संग में सर पर दुपट्टा रखकर जाती है

सत्संग में सर पर दुपट्टा रखकर जाती है
ऑटो की पिछली सीट पर आशिक की बाहों में नज़र आती है
हमेशा माँ-पिता का डर, हमेशा बॉयफ्रेंड को भैया बताती है 
यह हसीनाएं न आशिक़ की, न शौहर की हो पाती है।

हाहाहाहा

#रोमिल

Monday, January 7, 2013

Sardi mein bhi pyar ke pal hote the

Is sardi mein bhi  bade pyar ke pal hote the

Jab hum thande-thande haaton ko galon pe laga dete the
Jab hum rajai ke andar pairon se ladai lada karte the
Jab hum subah chehare par pani ki baarish karte the
Jab hum raat mein sote hue pankha chala dete the
Jab hum aag sekhate hue kandhe par sar tika lete the
Jab hum ek hi sawl mein safar karte the
Jab hum sirf ek dusare hi baahon mein sote the...

#Romil

इस सर्दी में भी बड़े प्यार के पल होते थे.... 

जब हम ठंडे-ठंडे हाथों को गालों पर लगा देते थे... 
जब हम रजाई के अंदर पैरों से लड़ाई लड़ा करते थे... 
जब हम सुबह चेहरे पर पानी की बारिश करते थे... 
जब हम रात में सोते हुए पंखा चला देते थे... 
जब हम आग सेंकते हुए कंधे पर सर टिका देते थे... 
जब हम एक ही शॉल में सफर करते थे... 
जब हम सिर्फ एक दूसरे की बाहों में सोते थे...

#रोमिल